शुक्रवार, 11 जनवरी 2013

क्या हम सचमुच सुरक्षित है।

दिल्ली में हुयी बलात्कार की घटना के बाद सेना के दो जवानों का पाकिस्तान के सैनिको द्वारा सर  काटे जाने की घटना को लेकर पूरा देश मर्माहत है। लोग वही लिख रहे हैं जो लोंगो को सुन्ना अच्छा लगा रहा रहा। यदि किसी ने विरोध जाता या फिर अपने विचारों को रखा तो गालियाँ खाने को मिली। पर कुछ मन में सवाल हैं जिनका जवाब लोंगो को चाहिए।
समाचारों के अनुसार पाक के सैनिक 200 मीटर हमारी सीमा में घुस आये और दो सैनिको को बुरी तरीके से मौत के घाट उतारा । इस घटना ने पूरे देश के साथ मुझे भी मर्माहत कर दिया है। भगवन न करे की ऐसा किसी के साथ भी हो। पर मन में कुछ सवाल भी उठा रहे हैं। पाक के सैनिक 200 सौ मीटर घुसे चले आये और हमारे सैनिक जो सीमा की पहरेदारी पर थे वे क्या कर रहे थे। पाक के नापाक इरादे कामयाब कैसे हुए। हमारे  सैनिको ने क्या उन्हें घुसते नहीं देखा ? क्या वहा पर सिर्फ दो सैनिक पहरा दे रहे थे। यदि हाँ भी तो उनकी निगाह बचाकर हमारी सीमा में कोई 200 मीटर घुस आता है और हमें पता भी नहीं चलता। यह भी तो हो सकता है की उनके साथ कुछ और आतंकियों की फौज आई हो जो आगे चलकर देश के अन्दर दंगा भड़काए। यह भी हो सकता है की हमारे बहादुर सैनिको ने उनका विरोध किया हो और कुछ दुश्मनों को मौत के घाट भी उतारा  हो और दुश्मन उनके शवों को लेकर चले गए हो और उस बात को दबा दिया गया। इस मुद्दे पर हमें दो पहलू से सोचना होगा। यदि हमारी सीमा में कोई अन्दर घुस आता है और दो सैनिको की निर्मम हत्या कर देता है। हमारे सैनिको को कुछ पता नहीं चल पाता तो यह बहुत ही दुखद स्तिथि है। क्योंकि हमारी सीमा में घुसने वालो को गोली से उड़ा देने के लिए कोई रोक नहीं है। यदि किसी ने उन्हें देखा नहीं तो इसका मतलब यह भी हो सकता है हमारे सैनिक मुस्तैद नहीं थे यदि होते तो कुछ लोंगो को मार गिराए होते। हालांकि भारतीय फौज की तरफ से कोई गोलीबारी की खबर नहीं आई। या हुयी तो वह दोनों सैनिको के साथ ही सूचना भी ख़त्म हो गयी। दोनों परिस्तिथियो में जाँच होनी चाहिए। क्योंकि सीमा पर तैनात लोग यदि मुस्तैद नहीं होंगे तो भविष्य में भी ऐसी घटनाये घटने की सम्भावना बरकरार है। और इसके पीछे यदि  घुसपैठ हुयी है तो भविष्य में देश  के अन्दर कोई बड़ी घटना हो सकती है। सैनिको की मौत पर शोक मानाने के साथ ही सर्कार को इस मसले पर गहन चिंतन करना होगा क्योंकि दोनों स्तिथि गंभीर है। 

2 टिप्‍पणियां:

lori ali ने कहा…

baat to thik hai!

Savita Mishra ने कहा…

आपके विचारो से सहमत ..मुस्तैदी नहीं या फिर उनको आने दिया गया