शुक्रवार, 13 मई 2011

ब्लागर भाइयों को हमरा भोजपुरिया सलाम-- हरीश सिंह

जौनपुर ब्लोगर असोसिएसन के सभी भाइयों को मेरा प्रणाम,
    प्रिय साथियों जब भी किसी परिवार में पहले दिन आगमन होता है तो परिवार के सभी सदस्यों को परिचय देना व लेना आवश्यक होता है. यह सामुदायिक ब्लॉग मुझे कई मायनो में अच्छा लगा, मैं मासूम जी का शुक्रगुजार हूँ की उन्होंने हमें इस परिवार में आने का न्योता दिया. जिस शहर के नाम पर यह संगठन बना है वह अपने नाम के अनुरूप कार्य भी कर रहा है. जौनपुर शहर की पूरी जानकारी मिल गयी, मुझे इस ब्लॉग से प्रेरणा भी मिली, जिसका प्रयोग मैं कही न कही अवश्य करूँगा. 
मेरा परिचय यही है की मैं थोडा क्रन्तिकारी स्वाभाव का हूँ , मुझे आप बुरे नहीं लगेंगे,  पर आपके विचार जहाँ पर हमें गलत लगे वहा सवाल अवश्य करेंगे, और उसे मैं विवादित विषय नहीं मानता. क्योंकि बिना खुलकर बात किये समाज में समरसता नहीं आएगी.
हल्ला बोल पर एक पोस्ट प्रकाशित हुयी... जिसे blogteknik महोदय ने प्रस्तुत किया है. 

हमने हिन्दुस्तान पर 800 साल हुकूमत की है।

उस पोस्ट पर मेरा कमेन्ट यह था और यही मेरी मानसिकता भी है. मैं धर्म को विवाद नहीं ज्ञान का स्रोत मानता हूँ और ज्ञानरूपी चर्चा तो होनी ही चाहिए. मेरा कमेन्ट. ...............

यहाँ पर कई लोंगो के कमेन्ट से सहमत हूँ.बल्कि कहें तो मै सभी के कमेन्ट से सहमत हूँ. ... मेरा एक फार्मूला है मैं उसी पर काम करता हूँ.शब्दों पर नहीं भावो पर ध्यान  देना चाहिए. और सबके भाव वही है. यह पत्र झूठा भी हो सकता है. और यदि झूठा है तो कोई मुस्लिम यहाँ सफाई देने क्यों नहीं आया. मैं हमेशा गलत  बातों का विरोधी रहा हूँ और रहूँगा.  इस पत्र की लिखावट साफ तौर पर किसी मुस्लिम की है. आज अधिकतर हिन्दू अपने ही धर्मशास्त्रो के बारे में नहीं जानते तो कुरान या इस्लाम के बारे में क्या जानेंगे. आज इस पत्र में जो लिखा है, वही  मुस्लिमो के प्रति अधिकतर  हिन्दुओ की धारणा है. और यही धारणा कम पढ़े लिखे मुसलमान भी रखते हैं. जिसकी वजह से अधिकतर लोग बाबर और लादेन को ही अपना पूर्वज मानते है. उनके हीरो वीर अब्दुल हमीद, कलाम साहब जैसे लोग नहीं है, बल्कि सद्दाम और मुशर्रफ जैसे लोग है, जो कसाब को हीरो बनाता है.
इसके विपरीत कोई भी हिन्दू रावण को अपना हीरो नहीं मानता, जबकि रावण एक उच्चकुलीन ब्राहमण था, कंस को अपना आदर्श नहीं बनाता, आज कोई अपने बच्चो का नाम  कंस, रावण, शकुनी, विभिसन, दुर्योधन, कुम्भकरण, जैसे नाम नहीं रखता, आज लादेन, मुशर्रफ और सद्दाम गली- गली मैली -कुचैली नेकर पहने मिल जायेंगे क्योंकि उन्हें यह नहीं बताया जाता की लादेन और बाबर क्या  है, पाकिस्तान हम मुसलमानों के बारे में क्या सोचता है, जाती या धर्म से कोई आदर्श नहीं बनता, यह सोचना होगा.  कोई  हिन्दू  ब्राह्मन  कुल में जन्मे रावण को नहीं बलिक क्षत्रिय कुल में जन्मे मर्यादापुरुसोत्तम श्रीराम को अपना आदर्श मानता है. यादव कुल में गायों के साथ खेलने वाले, अनपढ़ ग्रामीणों के साथ रहने वाले योगदिदेव भगवान श्री कृष्ण को अपना आदर्श मानता है. कोई भी हिन्दू श्री कृष्ण के बालरूप को पूजना चाहता है. रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र की फोटो लगाता है, कंस के वध को नहीं, सिर्फ धर्म के नाम पर, जाति के नाम पर हिंसा का समर्थन  करने वाला व्यक्ति मेरे लिए निंदनीय है क्योंकि उसे मैं हिन्दू या मुसलमान नहीं मानवता का दुश्मन मानता हूँ. इंसानियत का दुश्मन मानता हूँ. ऐसी बातो को आज लोग कोने में फेंक देते है, ऐसे कागज़ जला दिए जाते है, जो बाते आपस में विद्वेस पैदा करती है, उस बारे में हम चर्चा  नहीं करना चाहते, और यह बात भी मुझे बुरी लगती है.
मैं आपको बता दू, मैं अपने किसी परिचित या मित्र से बात करता हूँ तो एक बात साफ कर देता हूँ, भैया मेरी बाते जो भी तुम्हे बुरी लगे वह मुझी से कहना, हो सकता है तूम ग़लतफ़हमी में हो, मैं तुम्हारी ग़लतफ़हमी भी दूर कर सकता हूँ. और अपनी भूल का एहसास हुवा तो माफ़ी भी मांग लूँगा. पर वही बाते लेकर तुम अन्दर ही अन्दर घुटते रहे तो यह खतरनाक भी हो सकता है.
और वह बाते हमारे लिए खतरनाक  बन चुकी है, विवाद के नाम पर हम चुप्पी साध लेते हैं. आज़ादी की लड़ाई हमने  भले ही साथ लड़ी हो किन्तु देश आजाद होने के साथ टुकडो में बंट गया. और इसी समय हमारे दिल भी बंटे थे जिन्हें जोड़ने का नहीं बल्कि दूर रखने का प्रयास किया गया, जो बातो हमारे दिलो में कचोटती हैं हम उनका जिक्र करने से भी परहेज़ करते है. जब तक हम, खुलकर बात नहीं करेंगे,, हम एक दूसरों को समझा नहीं सकते, गीता अधर्मियों और असत्य को नाश करने की बात कहती है तो कुरान काफिरों को को ख़त्म करने की बात करती है. मेरी निगाह में काफ़िर वह है जो धर्म को न मानता हो, और  अधिकतर हिन्दू यह शब्द खुद से जोड़ लेता है. क्योंकि वह काफ़िर यानि धर्मनिरपेक्ष  यानि सेकुलर यानि अधर्मी बना हुआ  है. यदि सभी हिन्दू मुसलमान धार्मिक हो जाय, अपने धर्म को जान ले ताकि किसी भी धार्मिक सवाल पर हम उचित जवाब दे सके, भारत पाकिस्तान हमेशा बात करते है पर समझौता नहीं हो पाता  क्योंकि वे एक दूसरे को समझा नहीं पा रहे है. क्योंकि आम जनता भी यही चाहती है, क्योंकि हम जो बाते छोटे स्तर पर नहीं कर पर रहे है वह बड़े स्तर पर कैसे होगी. ऐसी पोस्ट जो भी आती है उस पर मुस्लिम ब्लोगरो को जवाब देना चाहिए, यदि नहीं देते है तो लोंगो के मन में शक बना रहेगा की मुस्लिम इस बात का समर्थन करते है,

लोग मुझे विवादित कहते हैं, हिन्दू भी गरियाता है तो मुसलमान भी कोसता है. हालाँकि किसी मुस्लिम ब्लोगर ने खुलकर तो नहीं मन ही मन गरियाया पर भैया अपने लोंगो ने तो जमकर ..... 
अब आप लोग फैसला कर ले की मैं आपके परिवार में रहने लायक हूँ की नहीं यदि नहीं तो क्यों.........? 

हरीश सिंह 
संस्थापक संयोजक ...  "भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" यह एक सामुदायिक हिंदी ब्लॉग है, जिसका लेखक विश्व के किसी कोने में रहने वाला भारतीय हो सकता है. नियम व शर्ते लागू.
संस्थापक संयोजक ...  "पूर्वांचल ब्लोगर असोसिएसन " यह एक सामुदायिक हिंदी ब्लॉग है, जिसका लेखक विश्व के किसी कोने में रहने वाला पूर्वांचल निवासी  हो सकता है. नियम व शर्ते लागू.
प्रमुख प्रचारक......  आल इण्डिया ब्लागर असोसिएसन व लखनऊ ब्लागर असोसिएसन
 मेरे अन्य ब्लॉग ... 
प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ


 हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल 
हल्ला बोल

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मैं हमेशा चर्चा करने के लिए तैयार हूँ, आप हमसे टिपण्णी या मेल भेजकर वार्ता कर सकते हैं. मेरा मेल पता है.

 editor.bhadohinews@gmail.com

2 टिप्‍पणियां:

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

प्रिय दोस्तों! क्षमा करें.कुछ निजी कारणों से आपकी पोस्ट/सारी पोस्टों का पढने का फ़िलहाल समय नहीं हैं,क्योंकि 20 मई से मेरी तपस्या शुरू हो रही है.तब कुछ समय मिला तो आपकी पोस्ट जरुर पढूंगा.फ़िलहाल आपके पास समय हो तो नीचे भेजे लिंकों को पढ़कर मेरी विचारधारा समझने की कोशिश करें.
दोस्तों,क्या सबसे बकवास पोस्ट पर टिप्पणी करोंगे. मत करना,वरना......... भारत देश के किसी थाने में आपके खिलाफ फर्जी देशद्रोह या किसी अन्य धारा के तहत केस दर्ज हो जायेगा. क्या कहा आपको डर नहीं लगता? फिर दिखाओ सब अपनी-अपनी हिम्मत का नमूना और यह रहा उसका लिंक प्यार करने वाले जीते हैं शान से, मरते हैं शान से
श्रीमान जी, हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु सुझाव :-आप भी अपने ब्लोगों पर "अपने ब्लॉग में हिंदी में लिखने वाला विजेट" लगाए. मैंने भी लगाये है.इससे हिंदी प्रेमियों को सुविधा और लाभ होगा.क्या आप हिंदी से प्रेम करते हैं? तब एक बार जरुर आये. मैंने अपने अनुभवों के आधार आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें हिंदी लिपि पर एक पोस्ट लिखी है.मुझे उम्मीद आप अपने सभी दोस्तों के साथ मेरे ब्लॉग एक बार जरुर आयेंगे. ऐसा मेरा विश्वास है.
क्या ब्लॉगर मेरी थोड़ी मदद कर सकते हैं अगर मुझे थोडा-सा साथ(धर्म और जाति से ऊपर उठकर"इंसानियत" के फर्ज के चलते ब्लॉगर भाइयों का ही)और तकनीकी जानकारी मिल जाए तो मैं इन भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने के साथ ही अपने प्राणों की आहुति देने को भी तैयार हूँ.
अगर आप चाहे तो मेरे इस संकल्प को पूरा करने में अपना सहयोग कर सकते हैं. आप द्वारा दी दो आँखों से दो व्यक्तियों को रोशनी मिलती हैं. क्या आप किन्ही दो व्यक्तियों को रोशनी देना चाहेंगे? नेत्रदान आप करें और दूसरों को भी प्रेरित करें क्या है आपकी नेत्रदान पर विचारधारा?
यह टी.आर.पी जो संस्थाएं तय करती हैं, वे उन्हीं व्यावसायिक घरानों के दिमाग की उपज हैं. जो प्रत्यक्ष तौर पर मनुष्य का शोषण करती हैं. इस लिहाज से टी.वी. चैनल भी परोक्ष रूप से जनता के शोषण के हथियार हैं, वैसे ही जैसे ज्यादातर बड़े अखबार. ये प्रसार माध्यम हैं जो विकृत होकर कंपनियों और रसूखवाले लोगों की गतिविधियों को समाचार बनाकर परोस रहे हैं.? कोशिश करें-तब ब्लाग भी "मीडिया" बन सकता है क्या है आपकी विचारधारा?

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

पति द्वारा क्रूरता की धारा 498A में संशोधन हेतु सुझाव अपने अनुभवों से तैयार पति के नातेदारों द्वारा क्रूरता के विषय में दंड संबंधी भा.दं.संहिता की धारा 498A में संशोधन हेतु सुझाव विधि आयोग में भेज रहा हूँ.जिसने भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए के दुरुपयोग और उसे रोके जाने और प्रभावी बनाए जाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए हैं. अगर आपने भी अपने आस-पास देखा हो या आप या आपने अपने किसी रिश्तेदार को महिलाओं के हितों में बनाये कानूनों के दुरूपयोग पर परेशान देखकर कोई मन में इन कानून लेकर बदलाव हेतु कोई सुझाव आया हो तब आप भी बताये.