बुधवार, 27 अप्रैल 2011

धर्म कोई बुरा नहीं होता, धर्मांध बुरे हैं

मित्रो, पिछले काफी दिनों से धर्म को लेकर चर्चाएँ छिड़ी हैं, कुछ लोग इसे विवादित विषय मानकर ऐसी चर्चाओ में भाग नहीं लेना चाहते. बल्कि खुद भाग जाते हैं. जबकि मौजूदा दौर में इस बात पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए. हल्ला बोल ने एक ऐसा मंच हमें दिया है. जिस पर हम लोग अपनी बात खुलकर कह सकते है, किसी भी बात के लिए सबका अलग-अलग नजरिया होता है, जरुरी नहीं की वह बात सभी की समझ में आ जाय. समझ में तब आएगी जब  हम सौम्य शब्दों में इसकी चर्चा करेंगे. आज हिन्दू या मुसलमान की परिभाषा  क्या है यह आप लोंगो को पता हो, पर शायद हमें नहीं है. जब मैं कोई भी बात करता हूँ तो विरोध होने लगता है. आखिर क्यों ..? यदि मैं नासमझ हूँ तो आप लोग हमें समझाएं, मैं कोई ज्ञानी नहीं हूँ, एक मोटी बुद्धि का व्यक्ति भी हो सकता हूँ. आशुतोष जी का कहना है की वे मुझे समझ नहीं पाए, ऐसे तमाम लोग होंगे जो हमें नहीं समझ पायें होंगे. जब की हम समझते हैं की हमें एक दूसरे को अच्छी तरह समझना चाहिए. यदि हमें समझ नहीं है तो आप लोग ही हमें समझाईये. 
मै  पहले ही कह चुका हूँ की इस ब्लॉग के नियम हमें स्वीकार हैं. निश्चित रूप से हिन्दुओ को भगवान राम का चरित्र और आदर्श पालन करना चाहिए. वहा यह भी लिखा है की जो मुसलमान भारत माँ का सम्मान करे, वन्दे मातरम स्वीकार करे. तिरंगे का सम्मान करे, वह इस ब्लॉग का लेखक बन सकता है, यानि राष्ट्रभक्त मुसलमानों से "हल्ला बोल" को कोई आपत्ति नहीं है, फिर आप बताये क्या मुसलमान इस्लाम त्याग देगा, वह कुरान पढना छोड़ देगा. शायद नहीं..
मैंने बी.एन. शर्मा जी का भंडाफोडू  ब्लॉग पढ़ा है. और कुरान भी पढ़ा है. शर्मा जी लिखी बाते गलत नहीं है. यदि इस्लाम धर्म के मानने वाले उन सभी बातो का अनुकरण करें तो निश्चित रूप से वे सम्पूर्ण विश्व में वे इस्लाम का परचम लहराता ही देखेंगे. वे चाहेंगे की सभी मानव जाति मुसलमान हो जाय. संसार में एक भी मूर्तिपूजक न दिखाई दे, जैसा की लादेन की सोच है. मैं इस बात को भी मानता हूँ की आज के दौर में अधिकतर मुसलमान बाबर और लादेन का अनुकरण करते हैं. आज भी जब पाकिस्तान क्रिकेट जीतता है तो पटाखे छोड़ते हैं , मिठाइयाँ भी बांटते हैं. वे यह भूल जाते हैं की उसी पाकिस्तान में भारत से गए मुसलमान आज भी {मोहाजिर} शरणार्थी और बंगलादेश गए मुसलमान "बिहारी मुसलमान" कहे जाते हैं. 
मैं यह गर्व से कह सकता हूँ की भारत में रहने वाले मुसलमान आज भी विश्व के सबसे सुरक्षित स्थान में रहते है. यह उन्हें अपना धार्मिक आयोजन करने की पूरी आज़ादी है. . यह हिन्दुओ के ही प्रेम और भाईचारे के देन है.
इसके बावजूद जो मुसलमान इस्लाम के नाम पर आतंक फैलाये वह हमें मंजूर नहीं है. मुसलमान यदि गुजरात कांड को गलत और  कश्मीर में हिन्दुओ पर हो रहे जुल्म का समर्थन करे तो यह भी मुझे मंजूर नहीं है. 
पर इसके लिए इस्लाम को दोषी ठहराना कहा तक उचित है. उन सभी बातों को गलत मन्ना चाहिए जो वास्तव में गलत हैं.
महान वैज्ञानिक और पूर्व  राष्ट्रपति कलाम साहब, वीर अब्दुल हमीद, अशफाकुल्लाह खान भी तो मुसलमान है. 
क्रिकेट में भारत की तरफ से खेलने वाले ज़हीर खान भी तो मुसलमान हैं. पर इनका आदर तो सभी करते है, शायद आप लोग भी..
वही इस्लाम के नाम पर तिरंगा जलाने वाले, हिन्दुओ पर अत्याचार करने वाले, पाकिस्तान की जीत पर तालियाँ बजाने वाले, हिन्दू धर्म शास्त्रों पर अंगुली उठाने वाले, मकबूल फ़िदा हुसैन जैसे देवी देवताओ का नंगा चित्र बनाने वाले मुसलमानों को मैं नहीं स्वीकार करता. 
ऐसे लोंगो के लिए श्री राम का धनुष और कृष्ण का सुदर्शन चक्र उठाने से भी हमें परहेज नहीं है. इसे न तो हिंसा कही जाएगी और न हत्या, यह वध होता है और दुष्टों, राक्षसों का वध करना तो हिन्दू धर्म की परम्परा रही है. हिंसा  के लिए मैं हथियार उठाने का समर्थक नहीं हूँ पर वध के लिए हथियार उठाने को सदैव तैयार हूँ..
पर मैं आप लोंगो से पूछना चाहता हूँ आज कितने हिन्दू हैं जो वध के पक्षधर हैं. 

आज इस्लाम के नाम पर जो आतंक फैलाया जा रहा है, हिन्दुओ को प्रताड़ित किया जा रहा रहा है, जब उसके लिए मैं हिन्दुओ को दोषी ठहराता हूँ तो लोग मुझे बुरा भला कहने लगते है. उन्हें यह नहीं समझ में आता की मै मुल्ला हरीश हूँ या हरीश सिंह हूँ. जुल्म सहना और चुप रहना भी तो मूक समर्थन है और यह समर्थन हिन्दू करता है. जो खुद को सेकुलर कहलाता है.
आप लोंगो से मैं कुछ प्रश्न पूछना चाहता हूँ. . क्या ए राजा, कलमानी जैसे हिन्दुओ को हिन्दू अपना आदर्श मानेगा. ? वोट बैंक ख़राब न हो जाय इसीलिए धर्मनिरपेक्षता के नाम पर चुप रहने वाले उन हिन्दू नेताओ को आप अपना आदर्श मानेंगे जो मुसलमानों द्वारा हिन्दुओ पर हो रहे अत्याचार को देखकर भी आपसी सौहार्द की बात करते हैं. .? क्या आप बसपा प्रमुख मायावती जी को अपना आदर्श मानेंगे जो भगवान राम की प्रतिमा और देवी देवताओ की प्रतिमा पर पेशाब करने{ प्रभु माफ़ करें} वाले पेरियार जैसे लोंगो के नाम पर मेले लगवाती हैं. .? क्या आप आप मुलायम सिंह को अपना आदर्श मानेंगे जो खुद को मुल्ला मुलायम सिंह कहलाना पसंद करते हैं और रामभक्तो पर इसलिए गोलियां चलवाते हैं ताकि उनका मुस्लिम वोट बैंक बचा रहे..?
यह कैसा हिंदुत्व है सच जानते हुए भी सच से मुह मोड़ता है. आप उन हिन्दुओ को क्या कहेंगे जो ऐसे लोंगो का समर्थन करके सत्ता सौप देते हैं. .. हिन्दू धर्म में भी बहुत से लोग भटके हुए हैं, उन्हें सच का ज्ञान नहीं है. क्या उन्हें गालियाँ देकर हम धर्म से जोड़ सकते हैं जी नहीं, उनके अन्दर छुपे हुए,दम तोड़ रहे हिंदुत्व को हमें जगाना होगा. यदि हमें हिन्दू और हिंदुत्व को मजबूत करना है तो प्रभु राम के आदर्शो का पालन करने के साथ दुष्टों और राक्षसों के वध को भी तैयार रहना होगा.. क्योंकि राक्षस सिर्फ मुसलमानों में ही नहीं, भरी संख्या में हिन्दू चोले  में भी हैं. 
"हल्ला बोल" कौन है मैं नहीं जनता पर  मैं समझता हूँ की ब्लॉग जगत में  "हल्ला बोल" ने पहली बार हमें एक ऐसा मंच दिया है, जिस पर हम खुलकर सदियों से चले आ रहे धार्मिक मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं. पर सोचिये कितने हिन्दू इस ब्लॉग पर आ रहे हैं. कितने लोग इसे विवादित मानकर आना नहीं चाहते और वही लोग उन लोंगो के ब्लॉग पर जाकर समर्थन करते हैं जहा पर हिन्दू धर्म की खिल्लियाँ उड़ाई जाती हैं. हमारे आराध्य पर अंगुलियाँ उठाई जाती हैं. ऐसे लोंगो को आप किस श्रेणी का हिन्दू कहेंगे.. यहाँ पर उन मुसलमानों को भी आना चाहिए जो खुद को राष्ट्रभक्त समझते हैं, और खुलकर चर्चा करनी चाहिए. जब तक हम बात नहीं करेंगे तब तक विवाद ख़त्म नहीं होंगे.. 
कश्मीर के हालात भी बनेंगे, गोधरा भी होगा, गुजरात कांड भी होगा, पाकिस्तान की जीत पर तालियाँ भी बजेंगी, और हिन्दू मुसलमानों को गालियाँ भी देते रहेंगे, और धर्म के नाम पर हिन्दू संस्कृति पर प्रहार भी होता रहेगा.. और इसके दोषी सिर्फ मुसलमान ही नहीं वे दोमुहे हिन्दू भी होंगे जो खुद को धर्मनिरपेक्ष कह कर अपनी कायरता दिखाते रहते हैं. 

16 टिप्‍पणियां:

Abhishek ने कहा…

@हरीश जी
आज आपने के बोहोत ही शानदार पोस्ट लिखी है. किन्तु प्रॉब्लम ये है यहाँ कोई मुसलिम आके अपने उन बंधुओ के बारे में विरोध प्रकट ही नहीं करता जो गलत कर रहे है. आपने भी एक पोस्ट लिखी थी डंके की चोट ब्लॉग में "क्या यही इस्लाम है" किन्तु आपकी इस पोस्ट पर भी किसी मुसलिम ने कुछ नहीं बोला अब इसका तो यही मतलब हो सकता है की सारे मुसलिम ब्लोगर उनके इन मुसलिम बंधुओ को मूक समर्थन दे रहे है.

शिखा कौशिक ने कहा…

sarthak lekhan .badhai

हरीश सिंह ने कहा…

अभिषेक जी, मैं यही बात शुरू से कह रहा हूँ, पर कोई समझना ही नहीं चाहता, मैं जब इस ब्लॉग पर आया और नियम पढ़े तभी समझ गए की यह एक ऐसा मंच है जहाँ पर "मुस्लिम ब्लोगरो" को ही नहीं बल्कि उन कथित हिन्दुओ को भी चर्चा करनी चाहिए. जो खुद को धर्मनिरपेक्ष कह कर मुह छिपा रहे हैं. जो मुस्लिम यहाँ विरोध करने नहीं आ रहे हैं, या चर्चा करने नहीं आ रहे हैं. वे या तो लादेन और बाबर के इस्लाम का समर्थन करते हैं. या फिर इस्लाम का सच देखकर चुप्पी साध लिए हैं, हो सकता है सच्चाई देखकर उनकी बोलती बंद हो और वे शर्मिंदा होकर मुह छिपा रहे हैं. जो बात हम अपने ब्लॉग "डंके की चोट पर" कहना चाहते थे शायद उसमे कही न कही कमिया थी या कहने का तरीका गलत था, पर भाव यही थे, अब वही काम "हल्ला बोल" महोदय बेहतर तरीके से अंजाम दे रहे हैं. पर सेकुलर हिन्दू कब कायरता छोड़ेंगे, इस पर भी सोचना होगा.

हरीश सिंह ने कहा…

sikh ji, aabhar

आशुतोष ने कहा…

अभी एक मुसलमान बंधू से बात हो रही थी..खुल कर चर्चा हुई ..
उन्होंने बोला की हम आतंकवाद नहीं करते मगर जो करते हैं उनको मूक समर्थन देते हैं ताकि हिन्दू हमें दबाये नहीं..
हास्यास्पद था हिन्दू उन्हें दबाये नहीं का विचार मगर ध्यान से देख्हें तो सत्यता यही है...
अब कुछ बाद हिन्दू धर्म की...
यहाँ सेकुलर नामर्द श्वान ज्यादा हो गए हैं..अब हल्ला बोल ब्लॉग पर देखिये कितने हिन्दू आ रहें है मगर फालो करके चेहरा दिखने में गद्दारों की सेकुलारियत चली जाएगी...वहीँ किसी मुस्लिम ब्लॉग पर जाएँ देखे किस तरह वो एकजुट हैं यही उनकी शक्ति है..
अभी मैं कुछ इस्लाम के विरोध में लिखू तो मुश्लिम गाली दे समझ में आता है ये नामर्द सेकुलर कुत्ते भी हाँ में हाँ मिलते हुए भोंकने लगते हैं.. यही गद्दार हैं पतन का कारन..
कभी किसी मुश्लिम को देखा है अपने भाइयों को गाली देते हुए...आपस में कितना भी कटे मारें जब बात हिन्दू की आई तो सब एकजुट हो जाते है..

@हरीश जी : जब सेकुलर नामर्दों की फ़ौज खड़ी हो गयी है तो उनको कडवी जड़ी बूटियां खिलाकर उनका पौरुष जगाना और याद दिलाना पड़ता है..आप यहाँ हिन्दू धर्म की पहले अच्छी बातें लिखना शुरू करे जब आप के पास विषय ख़तम हो जाए तो गद्दारों की बात करें..इतिहास गवाह है गद्दारों की कोई जात नहीं होती ..आज हिन्दू मूर्ति पर मूतते हैं तो कल जरुरत पड़ने पर मस्जिद या चर्च में वो ही गद्दार मल त्याग भी कर सकते हैं...उनसे अच्छा तो मुश्लिम है जो गलत ही सही अपने धर्म का है..

akhtar khan akela ने कहा…

baat to yhi shi hai dhrm achchaa isko maanne kaa naatk kar ise khraab krne vaale bure bhtrin baat likhi hai jnaab ne. akhtar khan akela kota rasjthan

तीसरी आंख ने कहा…

धर्म कोई बुरा हो ही नहीं सकता, बुरा तो बादमी है जिसे नीति के मार्ग पर लाने के लिए ही धर्म की व्यवस्था है, सच बात तो ये है कि धर्म विशेष को मानने वाले अपने धर्म की पताका फहराने के लिए उलटे सीधे प्रयास करते हैं

एम सिंह ने कहा…

कुछ ना कुछ तो प्रोब्लम है... वैसे ये बात सही है कि हिंदू हिंदू के साथ खड़ा नहीं दिखता.
हिंदुओं में एकजुटता नहीं है...

तीखे तड़के का जायका लें
संसद पर एटमी परीक्षण

pratibha mishra wastu specialist 05224006931 ने कहा…

hareesh jee hindustan me hindu shabd ka uchcharan bhee gunah mana jata hai hindi is sachchai ko samajh chuka hai aur pachade me naheen padna chahta.

अविनाश मिश्र ने कहा…

मुसलमान आज भी विश्व के सबसे सुरक्षित स्थान में रहते है. यह उन्हें अपना धार्मिक आयोजन करने की पूरी आज़ादी है. . यह हिन्दुओ के ही प्रेम और भाईचारे के देन है.बहुत सही बात कही आपने ...कभी अगर वक्त मिले तो हमारे ब्लॉग भी पधारे ... मुझे ख़ुशी मिलेगी... नया हूँ ब्लॉग जगत में avinash001.blogspot.com आपका इंतजार रहेगा

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

दोस्तों, क्या सबसे बकवास पोस्ट पर टिप्पणी करोंगे. मत करना,वरना......... भारत देश के किसी थाने में आपके खिलाफ फर्जी देशद्रोह या किसी अन्य धारा के तहत केस दर्ज हो जायेगा. क्या कहा आपको डर नहीं लगता? फिर दिखाओ सब अपनी-अपनी हिम्मत का नमूना और यह रहा उसका लिंक प्यार करने वाले जीते हैं शान से, मरते हैं शान से (http://sach-ka-saamana.blogspot.com/2011/04/blog-post_29.html )

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

श्रीमान जी,मैंने अपने अनुभवों के आधार ""आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें"" हिंदी लिपि पर एक पोस्ट लिखी है. मुझे उम्मीद आप अपने सभी दोस्तों के साथ मेरे ब्लॉग www.rksirfiraa.blogspot.com पर टिप्पणी करने एक बार जरुर आयेंगे.ऐसा मेरा विश्वास है.

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

प्यारे भाईयो ! आप ज्ञान की तलाश में हैं, एक दिन मंज़िल पर भी पहुंचेगे।
आपका स्वागत है हमारे दिल की दुनिया में हर दरवाज़े से।

Please see
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2010/11/father-manu-anwer-jamal_25.html

http://pyarimaan.blogspot.com/

http://ahsaskiparten.blogspot.com/2010/12/islam-is-sanatan-by-anwer-jamal.html

आ ग़ैरियत के पर्दे इक बार फिर उठा दें
बिछड़ों को फिर मिला दें, नक्शे दूई मिटा दें
सूनी पड़ी है मुद्दत से दिल की बस्ती
आ इक नया शिवाला इस देस में बना दें
दुनिया के तीरथों से ऊंचा हो अपना तीरथ
दामाने आसमां से इसका कलस मिला दें
हर सुब्ह उठके गाएं मन्तर वो मीठे मीठे
सारे पुजारियों को ‘मै‘ पीत की पिला दें
शक्ति भी शांति भी भक्तों के गीत में है
धरती के बासियों की मुक्ति प्रीत में है

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

श्रीमान जी, क्या आप हिंदी से प्रेम करते हैं? तब एक बार जरुर आये. मैंने अपने अनुभवों के आधार ""आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें"" हिंदी लिपि पर एक पोस्ट लिखी है. मुझे उम्मीद आप अपने सभी दोस्तों के साथ मेरे ब्लॉग www.rksirfiraa.blogspot.com पर टिप्पणी करने एक बार जरुर आयेंगे. ऐसा मेरा विश्वास है.

श्रीमान जी, हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु सुझाव :-आप भी अपने ब्लोगों पर "अपने ब्लॉग में हिंदी में लिखने वाला विजेट" लगाए. मैंने भी कल ही लगाये है. इससे हिंदी प्रेमियों को सुविधा और लाभ होगा.

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

क्या ब्लॉगर मेरी थोड़ी मदद कर सकते हैं अगर मुझे थोडा-सा साथ(धर्म और जाति से ऊपर उठकर"इंसानियत" के फर्ज के चलते ब्लॉगर भाइयों का ही)और तकनीकी जानकारी मिल जाए तो मैं इन भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने के साथ ही अपने प्राणों की आहुति देने को भी तैयार हूँ. आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें

अगर आप चाहे तो मेरे इस संकल्प को पूरा करने में अपना सहयोग कर सकते हैं. आप द्वारा दी दो आँखों से दो व्यक्तियों को रोशनी मिलती हैं. क्या आप किन्ही दो व्यक्तियों को रोशनी देना चाहेंगे? नेत्रदान आप करें और दूसरों को भी प्रेरित करें क्या है आपकी नेत्रदान पर विचारधारा?

Richa P Madhwani ने कहा…

hindi blog mai pada tha agar blogger profile use ki jaye comments ya follow k liye to iss se adsense id ko nuksaan ho sakta hai ..hack bhi ho sakti hai.. kya ye baat sahi hai?