सोमवार, 20 दिसंबर 2010

कालीन नगरी में ईसाई मिशनरी का फैलता जाल

"हिन्दू धर्म के दलित वर्ग में व्याप्त गरीबी, हिन्दू संगठनो का राजनीती तक सिमित रहना, इंसानियत के विरुद्ध लिखे गए धर्म शास्त्र बन रहे धर्म परिवर्तन के कारण"

 भदोही/उतरप्रदेश;  कलात्मक  रंग बिरंगे  कालीनो के लिए विश्व में अपनी पहचान बना चुका उत्तरप्रदेश के  भदोही जनपद में काफी दिनों से ईसाई मिशनरियां अपना जाल फैलाकर धर्म  परिवर्तन जैसे काम को अंजाम दे रही है. हालाँकि प्रशासन इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर करता है जबकि हिन्दू संगठन इसके खिलाफ आवाज़ उठाते रहते है.मामला चाहे जो भी हो किन्तु धर्म परिवर्तन के मामले को लेकर किसी दिन भी भदोही में मामला गंभीर हो सकता  है.
ईसाई मिशनरी द्वारा धर्म परिवर्तन करने वाली महिलाये"
गत सप्ताह सूचना मिली की  वाराणसी-भदोही मार्ग पर चौरी बाज़ार के निकट मोरवा नदी के पास ईसाई मिशनरी द्वारा एक दर्ज़न दलित महिलाओ का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. सूचना पाते ही जब मैं वहा पहुंचा तो देखा रेलवे लाइन के के किनारे एक गड्ढे में महिलाये नहा रही है और कुछ पादरी वहा पर खड़ा थे. हमें देखते ही उनमे हड़बड़ी मच गयी और सब कपडे पहन कर भागने की फ़िराक में लाग गए. जब उनसे पूछा गया की क्या हो रहा है तो उन्होंने बताया प्रार्थना  की जा रही है. वे लोग धर्म  परिवर्तन की बात नकार गए और भागने लगे, मैं आश्चर्य चकित रह गया जब प्रार्थना हो रही है थी तो  भागने की क्या आवश्यकता है.लगभग १० मिनट बाद विहिप के कार्यकर्त्ता भी पहुँच गए तब तक लोग जा चुके थे नहीं तो बवाल मचना तय था. 
"धर्म परिवर्तन को लेकर प्रदर्शन करते विहिप कार्यकर्त्ता"
 चार दिन बाद ........
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"मौके पर पहुंची पुलिस"

"प्रार्थना सभा में शामिल हिन्दू दलित महिलाएं"
उसके पश्चात् हमें पता चला की जमुनीपुर बीड़ा आवासीय कालोनी के एक घर में प्राथना सभा होती है. सच जानने के लिए वहा पर हमने अपना एक आदमी भेजा जो प्राथना सभा में शामिल हुआ, जहा पर चौकाने वाले तथ्य सामने आये. प्राथना सभाओ में शामिल होने वाले ८० प्रतिशत लोग दलित वर्ग के होते है, जो किसी न किसी रूप में परेशान है, उन्हें भूत प्रेत का चक्कर बता कर भगवान इशु की प्राथना करने के लिए कहा जाता है, झाड-फूक के साथ प्रसाद के नाम पर दवाइयां भी दी जाती है, जब मरीज  ठीक हो जाता है तो उसे भगवान इशु का चमत्कार बताया जाता है. साथ ही इन सभाओ में हिन्दू देवी देवताओ को कल्पना मात्र बताया जाता है कहा जाता है की सभी देवी देवता मात्रा एक काल्पनिक पात्र है. असली भगवान तो इशु है. यह खबर प्रकाशित  होने के बाद विहिप के लोग वहा पहुंचे और बवाल खड़ा कर दिए. थोड़ी देर बाद पुलिस भी पहुँच गयी. तू-तू मै-मै के पश्चात् मामला शांत हो गया , प्राथना सभा में शामिल करीब सात दर्ज़न लोंगो ने बताया की वे अपनी मर्जी से आये है. सभी लोग बेरंग वापस आ गए.

दोषी कौन....
"मैं देखता था जब कुत्ता किसी थाली को जूठा कर देता था तो उस थाली को धोकर घर में रख दी जाती थी किन्तु वही  थाली जब दलित वर्ग जूठा करता था तो वह निकाल दी जाती थी" 
 देखा जाय  तो  धर्म परिवर्तन के लिए  कोई मिशनरी या संगठन दोषी नहीं है बल्कि हिन्दू धर्म में फैली बुराइया व हिन्दू धर्म की ठेकेदारी लेने वाले संगठन इसके लिए दोषी है. जनता के वोटो से चुनी जाने वाली सरकारे गरीबी मिटाने के बड़े बड़े दावे करती है परन्तु गरीबी नहीं मिट रही है बल्कि गरीब मिटता जा रहा है. महगाई के दौर में राशन कार्ड बना देने से राशन नहीं मिलता. कुछ अधिक लिखना शायद मूल विषय से भटकना होगा. यह कहना ही काफी होगा की केंद्र या प्रदेश सरकार सी गरीबी उन्मूलन के लिए संचालित योजनाये सिर्फ बिचौलियों तक ही सिमित है. जिसके कारण गरीबी व भुखमरी से परेशान व्यक्ति इसे अपना भाग्य समझ लेता है और भाग्य सुधारने के लिए धर्म के ठेकेदारों का शिकार बनता है, वही हिन्दू संगठनो के नाम पर सिर्फ राजनिति की जा रही है. हमारे पुरखो ने जो जाति- पाति, छुआ -छूत का जो बीज बोया था उसका पौधा बन चुका है,   वेद में लिखे वाक्यों को सुनाकर दलित वर्ग को भड़काया जा रहा है., इतना ही नहीं दलित वर्ग को हमेशा शिक्षा से दूर रखा गया जब वे पढ़ लिखकर हिन्दू धर्म शास्त्रों का अध्ययन करते है तो उनके दिल पर क्या गुजरती होगी, मुझे अपना बचपन याद है..... मैं देखता था जब कुत्ता किसी थाली को जूठा कर देता था तो उस थाली को धोकर घर में रख दी जाती थी किन्तु वही  थाली जब दलित वर्ग जूठा करता था तो वह निकाल दी जाती थी, क्या आज हमारे  हिन्दू धर्म को विनाश करने में इन सब बातो का योगदान नहीं है. धर्म परिवर्तन हो रहा है और होता रहेगा , हिन्दू संगठनो के नाम पर राजनीती करने वाले इसे नहीं रोक पाएंगे, रुकेगा तब जब हम मनसा,वाचा, कर्मणा से सभी इंसानों को एक बराबर समझेंगे, अन्यथा हिन्दू धर्म बिखर रहा है. और ऐसे ही बिखरता रहेगा.

4 टिप्‍पणियां:

rajneesh ने कहा…

Bandhuvar es hindutva ke prati aapki itni nakarratmak dristi ka koi mukhya kaaran h ya fir ese hi..!!

हरीश सिंह ने कहा…

रजनीश जी, हिन्दू धर्म के प्रति मेरी नकारात्मक सोच या दृष्टि नहीं है. बल्कि मैं चाहता हिन्दू समाज जाती-पाति के आधार पर न बांटकर एकजुट रहे इसके लिए सामाजिक कुरीतियाँ दूर होनी चाहिए.

बेनामी ने कहा…

ये सब काम बहुत जल्द बंद हो सकते है अगर धर्मान्तरण विरोधी कानून लागु हो जैसे बीजेपी शासित राज्यो मे लागू है.
और अगर टीवी चैनल इन खबरो को रोज दिखाये. स्टिँग आपरेशन करे.
आज के मीडिया चैनल जो दिनभर भांडो का गुणगान करते है वो कभी भी ऐसी खबरो को नही दिखाते है .उसके भी दो कारण है
पहला केँद्र मे ईसाई सरकार
दूसरा विदेशो से जो भारी भरकम फंड इस धर्मान्तरण के लिये भारत आता है उसमे मीडिया का भी हिस्सा होता है.
हिँदुओ की बर्बादी का जिम्मेदार वो नेहरु है जिसकी अक्षम्य गलतियो से आज ये हालत हुयी है. वो गांधी है जिसने सरदार पटेल को हटाकर नेहरु को प्रधानमंत्री बनाया.

बेनामी ने कहा…

One hiden missionary is working on every Sunday morning around 09:00 AM at Vidyapuri, Supaul Ward No. 02 corner from mela road. Please stop it.