मंगलवार, 25 मई 2010

रुचिका, प्रकरण, कब, क्या, हुआ


-12 अगस्त, 1990: हरियाणा पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक व 'हरियाणा लॉन टेनिस एसोसिएशन' (एचएलटीए) के अध्यक्ष एस.पी.एस. राठौड़ टेनिस खिलाड़ी रुचिका गिरहोत्रा के साथ अपने कार्यालय में छेड़छाड़ की।

-16 अगस्त, 1990: मुख्यमंत्री हुकम सिंह और गृह सचिव से शिकायत की गई।

-17 अगस्त, 1990: मुख्यमंत्री हुकम सिंह पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आर.आर. सिंह को मामले की जांच के आदेश दिए।

-18 अगस्त, 1990: पुलिस ने राठौड़ के खिलाफ मामला दर्ज किया।

-3 सितंबर, 1990: पुलिस महानिदेशक सिंह ने राठौड़ को प्रथम दृष्टया दोषी पाया। रिपोर्ट सौंपी गई और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा गया। बाद में नए पुलिस महानिदेशक आर.के. हुड्डा और गृह सचिव जे.के. दुग्गल ने राठौड़ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने व आरोप पत्र दाखिल करने की सलाह दी।

-12 मार्च, 1991: गृह मंत्री संपत सिंह ने राठौड़ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की अनुमति दी। मुख्यमंत्री को सिफारिश भेजी गई।

-13 मार्च, 1991: मुख्यमंत्री हुकम सिंह ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी।

-22 मार्च, 1991: ओमप्रकाश चौटाला हरियाणा के नए मुख्यमंत्री बने। चौटाला राजनीतिक संकट और अस्थिरता के बीच केवल 14 दिन के लिए ही मुख्यमंत्री रहे।

-6 अप्रैल, 1991: राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ। राज्यपाल धनिक लाल मंडल ने शासन की बागडोर संभाली।

-28 मई, 1991: राष्ट्रपति शासन के दौरान राठौड़ के खिलाफ आरोप पत्र को मंजूरी दी गई।

-23 जुलाई, 1991: भजनलाल के नेतृत्व में कांग्रेस ने सरकार बनाई। भजनलाल नौ मई, 1996 तक मुख्यमंत्री रहे। इस अवधि में राठौड़ के कहने पर रुचिका के परिवार के खिलाफ कथित अत्याचार हुआ।

-6 अप्रैल, 1992: रुचिका के भाई आशू के खिलाफ कार चोरी का मामला दर्ज हुआ।

-30 जून, 1992: राठौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का मामला उठा और हरियाणा के कानूनी सलाहकार आर.के. नेहरू ने राठौड़ के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की।

-30 मार्च, 1993: आशू के खिलाफ कार चोरी की एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई।

-10 मई, 1993: आशू के खिलाफ कार चोरी की एक और प्राथमिकी दर्ज हुई।

-12 जून, 1993: फिर आशू के खिलाफ कार चोरी की एक और प्राथमिकी दर्ज हुई।

-30 जुलाई, 1993: आशू के खिलाफ कार चोरी की एक और प्राथमिकी दर्ज।

-4 सितंबर, 1993: कार चोरी के लिए आशू के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज।

-23 अक्टूबर, 1993: हरियाणा पुलिस आशू को पकड़ती है, उसे लगभग दो महीने तक अवैध रूप से हिरासत में रखा जाता है। उसके खिलाफ कार चोरी के 11 मामले दर्ज होते हैं।

-28 दिसम्बर, 1993: स्वयं के और परिवार के उत्पीड़न का सामना करने में असमर्थ रुचिका ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

-29 दिसम्बर, 1993: रुचिका की आत्महत्या के एक दिन बाद आशू को छोड़ दिया जाता है।

-अप्रैल, 1994: रुचिका के निधन के महीनों बाद भजनलाल सरकार के कार्यकाल के दौरान राठौड़ के खिलाफ लगाए गए आरोप खारिज कर दिए गए।

-4 नवंबर, 1994: भजनलाल की सरकार ने राठौड़ को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के तौर पर पदोन्नत कर दी।

-11 मई, 1996: बंसीलाल हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। वह 23 जुलाई, 1999 तक मुख्यमंत्री रहते हैं।

-5 जून, 1998: एक बंदी के पैरोल मामले से राठौड़ के जुड़े होने पर बंसीलाल सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया।

-21 अगस्त, 1998: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने रुचिका छेड़छाड़ मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए।

-3 मार्च, 1999: बंसीलाल सरकार ने राठौड़ की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पद पर बहाली कर दी।

-23 जुलाई, 1999: ओम प्रकाश चौटाला फिर मुख्यमंत्री बने।

-30 सितंबर, 1999: विभागीय जांच में राठौड़ को दोषमुक्त करार दिया गया और उन्हें पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में पदोन्न किया गया। 20 मई, 1999 से यह पदोन्नति प्रभावी होनी थी।

-10 अक्टूबर, 1999: चौटाला सरकार ने राठौड़ को हरियाणा का डीजीपी (राज्य पुलिस प्रमुख) नियुक्त कर दी।

-16 नवंबर, 2000: सीबीआई ने रुचिका छेड़छाड़ मामले में राठौड़ के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दी।

-5 दिसम्बर, 2000: राठौड़ को हरियाणा पुलिस प्रमुख पद से हटाकर अवकाश पर भेज दिया गया।

- मार्च, 2002: राठौड़ सेवानिवृत्त हो गए।

-21 दिसम्बर, 2009: सीबीआई की विशेष अदालत ने रुचिका छेड़छाड़ मामले में राठौर को सजा सुनाई। उन्हें छह महीने कैद और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। मीडिया में राठौड़ को इतनी कम सजा मिलने पर सवाल उठे।

-5 जनवरी, 2010: विभिन्न प्रकार से दबाव बनने के बाद हरियाणा पुलिस ने रुचिका मामले में राठौड़ के खिलाफ तीन नई प्राथमिकी दर्ज की। उन पर रुचिका को आत्महत्या के लिए उकसाने, उसके भाई को प्रताड़ित करने, हत्या की कोशिश, आपराधिक धमकी, सबूतों से छेड़छाड़, गलत तरीके से जेल में रखने, झूठे सबूत पेश करने और आपराधिक षडयंत्र के मामले दर्ज किए गए। हरियाणा पुलिस इन ताजा मामलों को सीबीआई को हस्तांतरित करना चाहती है।

-15 जनवरी: राठौर के खिलाफ तीन नए मामले दर्ज होने के बाद सीबीआई की दिल्ली टीम ने रुचिका मामले में जांच शुरू की।

-25 जनवरी: सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए ताजा मामलों में उच्च न्यायालय से राठौड़ को अंतरिम जमानत मिली।

-8 फरवरी: एक अदालती सुनवाई के बाद बाहर आ रहे राठौड़ पर चण्डीगढ़ जिला अदालत परिसर में एक युवक उत्सव शर्मा ने हमला किया। एक चाकू से हुए हमले में राठौड़ के चेहरे व गर्दन पर चोट आई।

-3-11 मई: सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा राठौड़ को मिली कम सजा के विरोध के बाद चण्डीगढ़ के जिला एवं सत्र न्यायालय में उनके खिलाफ सुनवाई जारी है। सीबीआई ने छह महीने की सजा को बढ़ाने की दलील दी।

-25 मई: जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा सीबीआई की विशेष अदालत में सजा के खिलाफ की गई राठौड़ की अपील के खारिज होने के बाद राठौड़ को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने राठौड़ की सजा 18 महीने तक बढ़ा दी।